आप सभी मोहब्बतों के हवाले चंद शेर.....
★वफाएं_बेवफाएं★
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कुछ तो कमियाँ रहीं होंगी तुझमे 'अश्क'
वरना यूं ही कोई साथ नहीं छोड जाता।
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तेरे इंसानियत कि बात थी अश्क, जो वो तेरे हो गये।
वरना साथ तो उनका भी छूटा है जिनके सात फेरे हो गये।
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ये बात और है कि वो प्यार से छोड गये साहब,
वरना अांधियों कि तरह धक्का देना हमें भी आता था।
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अगर दिलों मे जरा सी चाहतें पनाह लेतीं,
तो आज कोई लड़की बेवफा नहीं होती।
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एक बावफा ने कदम क्या रख दिया महफिल में,
सारे बेवफाओं के सर झुके के झुके रह गये।
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एक बावफा ने खुदखुशी कर ली ये सोच कर,
बेवफाओं कि दुनियाँ मे हमारा है नहीं कोई॥
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बीते अरसे के बाद आज चेहरा चमक गया,
सूनी राहों पे कोई आइना सा खनक गया।
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अनुज कुमार गौतम 'अश्क'
सतना मध्यप्रदेश
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