हार्दिक स्वागत् अभिनंदन .... सभी मौलिक सृजन है, कृपया स्नेहिल आशीर्वाद अवश्य प्रदान करें..परंतु किसी का रचना का तोड मरोड अन्यत्र प्रकाशित न करें..... जिंदगी मे कहाँ कौन कब जायेगा, साथ मे हैं तओ कुछ पल बिता लीजिये... अश्क
--- किता -
आसमाँ के आज क्यों सारे सितारे खो गये। चल रहे थे जिस किनारे वो किनारे खो गये। साथ देना चाहते जो हमसफर बनकर मेरा, क्या ख़ता हम से हुई जो वो सहारे खो गये। ------- Copyright © akgautam_2016 अनुज कुमार गौतम 'अश्क' सतना मध्यप्रदेश
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